Sliding Message
Surta – 2018 से हिंदी और छत्तीसगढ़ी काव्य की अटूट धारा।

Kinnar-vyatha किन्नर व्यथा -डॉ. अशोक आकाश, भाग-2

Kinnar-vyatha किन्नर व्यथा -डॉ. अशोक आकाश, भाग-2

Kinnar-vyatha गतांक से आगे

Kinnar-vyatha किन्नर व्यथा भाग-2

Kinnar-vyatha किन्‍नर व्‍यथा (सार छंद), भाग-2

घर परिवार समाज भूल कर, किन्नर दुनिया पलती |
जाति धर्म अरु गोत्रज त्यागे, फौलादों में ढलती ||
निज परिजन मक्खीवत् फेंके, दूजों से क्या आशा |
किन्नर संस्कारों में बदली, झट जीवन परिभाषा || 1 ||

लड़की लड़कों जैसी चलती, लड़का लड़की जैसा |
लड़की लड़की जैसी दिखती, ना लड़का लड़कों सा ||
मर्दों में मर्दों के लक्षण ना, औरत में औरत है |
मर्द नहीं ना औरत यह तो, बात बड़ी हैरत है || 2 ||

जीवन सुचि संगीत समर्पित, नित्य नाचना गाना |
बात बात रुठना जिद करना, प्रात निशि सुने ताना ||
चलते पग पग मटक-मटक कर, बात बात पर ताली |
बात मनाने कसमें खाते, छेड़े छूट दे गाली || 3 ||

वृहनल्ला किन्नर शिखंडी , कह दो आंख तरेरे |
हिजड़ा कह देते तो सातों, पुष्तों पानी फेरे ||
पीड़ा जिसकी जीवन गीता, मनभेेदों में जीता |
दर्द समाये जग नित अंतस, हँस जीवन-विष पीता || 4 ||

किसी को भी चिकना कह देते , जग माने या रूठे |
फकत प्रेम अभिवादन सबको, कह देते चल झूठे ||
जिसका तन मन दुखमय जीवन, मान रौंद दी जाए |
धिक-धिक जीवन पल-पल चुभता, किन्नर व्यथा बताएं ||5||

-डॉ. अशोक आकाश

शेष अगले अंक में

4 responses to “Kinnar-vyatha किन्नर व्यथा -डॉ. अशोक आकाश, भाग-2”

  1. डॉ. अशोक आकाश Avatar
    डॉ. अशोक आकाश
  2. डॉ क्लाडियस बालोद Avatar
    डॉ क्लाडियस बालोद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अगर आपको ”सुरता:साहित्य की धरोहर” का काम पसंद आ रहा है तो हमें सपोर्ट करें,
आपका सहयोग हमारी रचनात्मकता को नया आयाम देगा।

☕ Support via BMC 📲 UPI से सपोर्ट

AMURT CRAFT

AmurtCraft, we celebrate the beauty of diverse art forms. Explore our exquisite range of embroidery and cloth art, where traditional techniques meet contemporary designs. Discover the intricate details of our engraving art and the precision of our laser cutting art, each showcasing a blend of skill and imagination.