संस्कृत ही रही होगी रामायण काल की प्रचलित संपर्क भाषा -बोली

यह तो सर्वविदित है कि भाषा ही संवाद का एक सशक्त माध्यम है, यह भाषा ही…

दुखांत विषय से बेहतर कथानक कैसा?

"Purgation of Emotions and Feelings"

तर्क (Logic) अथवा आचार (Ethics):एक व्यंग्य आलेख

आचार का अनुपालन, बहुत कठिन है डगर पनघट की! तर्क कठिन है किंतु उतना नहीं क्योंकि…

मेरा दृष्टिकोण:शब्द सौंदर्य, साहित्य के दर्पण में -प्रो. अर्जुन दूबे

सौंदर्य की चाहत और सौंदर्य वर्णन शाश्वत है । मानव और उसकी बनायी रचना चाहे चित्र…

लघु व्‍यंग्‍य:दांपत्य जीवन का संक्रमण

सा भार्याया गृहे दक्षा,सा भार्याया प्रियंवदा । सा भार्याया पति प्राणा, सा भार्याया पतिब्रता ।।

एक व्यंग्य आलेख:मैं चक्रवर्ती सम्राट बन कर रहूंगा -प्रोफेसर अर्जुन दूबे

प्राचीन काल में अश्वमेध घोड़ा छोड़ जाता था,चारो ओर वह भ्रमण करता था, यदि किसी ने…

क्या क्रय शक्ति की जरूरत है? (व्‍यंग्य मिश्रित आलेख)

क्रय शक्ति -Purchasing Power -कैसे प्राप्त कर सकते हैं. सीधा सा उत्तर लोग देते हैं कि…

मेरा दृष्टिकोण: सनातन मुझे क्यों भावे-डॉं. अर्जुन दूबे

हिंदू-सनातन एक दूसरे के पर्याय जाने जाते हैं; सनातन तो शास्वत है जिसे हिंदू धरोहर के…

हास्य व्यंग आलेख:नव उपनिवेशवाद-डॉ. अर्जुन दूबे

इस हास्‍य व्‍यंग्‍य आलेख में भारत के मानसिक दास्‍ता पर व्‍यंग्‍य करते हुए दो आलेख प्रकाशित…

आलेख महोत्‍सव: 22.स्वतंत्रता का अमृत पान

स्वतंत्रता क्या अमृत है? अमृत एक ऐसा पेय है जिसके पीने मात्र से ही अमरत्व मिल…